गूगल पर क्या क्या चीजें सर्च नहीं करनी चाहिए...?
किसी जमाने में लोगों के पास कोई यक्ष, जिन्न, या प्रेत होता था, लोग उससे अपनी किसी भी बात का उत्तर जान लेते थे... आज हमारे पास गूगल है, मतलब आधुनिक और नया जिन्न...! हम अपनी जेब में लेकर घूमते हैं इसे.. अगर ये यक्ष हमारे पास से एक घंटे के लिए भी दूर हो जाए तो जिंदगी की कल्पना करना भी मुश्किल हो जाता है... कहीं का समाचार प्राप्त करना हो तो एक उंगली रगड़ी और सबकुछ आपकी आपकी आंखों के सामने... कोई गाना सुनना हो तो एक सेकंड में हाजिर... कोई फिल्म देखनी हो तो अगले ही क्षण आपके सामने... मतलब कुछ भी चाहिए तो गूगल महाशय है ना... गूगल ने जिंदगी आसान बना दी है हमारी...
लेकिन... इसके नुकसान भी बहुत है... ये जिन्न साहब आपके जी का जंजाल बन सकते हैं, अगर इन्हें ठीक से ऑपरेट नहीं करें तो... आपकी सारी जानकारी एक पल में चोरों को सौंप देंगे ये... इसलिए इनसे कुछ भी पूछने से पहले आप थोड़ा सावधान रहिए...
क्या नहीं सर्च करना चाहिए ?
खुद की ई मेल आईडी
गूगल सर्च बॉक्स में कभी भी स्वयं की ई मेल आईडी सर्च नहीं करनी चाहिए, आपकी मेल आईडी आपके मोबाइल या कंप्यूटर की चाबी होती है. जब आप अपनी मेल आईडी गूगल सर्च बॉक्स में डालकर सर्च करेंगे तो ये आपकी सर्च हिस्ट्री में सेव हो जाएगी... गूगल आपकी सर्च हिस्ट्री को आगे बेचता है, इसके बाद हैकर आपकी मेल आईडी से आपके सिस्टम पर अटैक करेंगे और मेल आईडी के माध्यम से आपके सिस्टम को हैक कर सकते हैं... जिससे आप भारी परेशानी में पड़ जाएंगे... इसलिए कभी भी स्वयं की ई मेल आईडी गूगल पर सर्च नहीं करनी चाहिए.
किसी भी कंपनी का कस्टमर केयर नंबर
जब आप किसी परेशानी में होते हैं तो उस परेशानी से संबंधित किसी कंपनी से संपर्क करने की कोशिश करते हैं और संपर्क करने के लिए उस कंपनी के कस्टमर केयर सेंटर के नंबर चाहिए होते हैं, नंबर आप गूगल पर सर्च करते हैं... हैकर्स ने लोगों को अपने जाल में फांसने के लिए सेम उसी कंपनी से मिलती जुलती वेबसाइट बना रखी हुई होती हैं, सर्च में वही वेबसाइट आ जाती है... जब आप उस साइट पर क्लिक करके जाते हैं और वहां से नंबर लेकर कॉल करते हैं तो कॉल हैकर्स के पास चली जाती हैं... आप कंपनी की साइट समझकर उस साइट पर चले जाते है... ये लोग आपसे आपकी सारी जानकारी लेकर आपको नुकसान पहुंचा सकते हैं... अगर आप कंपनी की ओरिजिनल साइट पर पहुंचकर कस्टमर केयर में बात कर भी लेते हैं तो आपकी हिस्ट्री तो सेव हो ही जाती है... मतलब थोड़ी सी असावधानी आपको आर्थिक और मानसिक नुकसान करवा सकती हैं... इसलिए जितना संभव हो गूगल पर किसी कंपनी के कस्टमर केयर नंबर सर्च नहीं करें...!
बीमारी या दवाई
एक पूरा सिस्टम होता है गूगल में, जिसके आधार पर ये चलता है, मतलब आर्थिक रूप से गूगल को बनाए रखने के लिए विज्ञापन देने वाली कंपनियां... जैसे ही आप कोई बीमारी का नाम या दवाई सर्च करेंगे तो उसकी सूचना गूगल उन विज्ञापनदाता कंपनियों को दे देगा... उसके बाद ये कंपनीज आपके पीछे ही पड़ जाएगी... और तरह तरह के आर्टिकल्स दिखा दिखा कर आपको डराएंगी... इन्हें देखकर आप मानसिक रूप से परेशान हो जाएंगे कि स्थिति आपको बीमार करने तक पहुंच जाएगी... ये कंपनियां हर समय आपकी स्क्रीन पर उसी टाइप के एड दिखा दिखा कर आपका मानसिक संतुलन बिगाड़ सकती हैं, शारीरिक चोट फिर भी ठीक हो जाती है लेकिन एक बार मन में वहम घर कर जाए तो फिर निकलना मुश्किल हो जाता है... इसलिए खुद डॉक्टर ना बनें, विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह पर ही कोई दवाई वगेरह लें..!
हथियार बनाने या बॉम्ब बनाने की विधि
आपको गूगल पर कभी भी किसी हथियार बनाने की या बॉम्ब बनाने की विधि या उनको बनाने का तरीका सर्च नहीं करना चाहिए... क्योंकि गूगल पर सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की नजर रहती है... आप इस तरह की चीजें सर्च करेंगे तो उसकी हिस्ट्री सरकारी एजेंसियों तक पहुंच जाएगी और आप इसकी वजह से बहुत बड़ी परेशानी में पड़ सकते हैं... सरकार की नजर हमेशा संदिग्ध गतिविधियों पर ही रहती है, इस प्रकार आप बहुत आसानी से उनके रडार पर आ सकते हैं... इसलिए भूलकर भी कभी हथियार या बॉम्ब बनाने के बारे में गूगल पर सर्च नहीं करना चाहिए.
मोबाइल ऐप्स या सॉफ्टवेयर
जब हमें मोबाइल में किसी ऐप की और कंप्यूटर या लैपटॉप में सॉफ्टवेयर की जरूरत होती है तो हमें एंड्रॉयड स्मार्टफोन में गूगल प्लेस्टोर पर जाना चाहिए और कम्प्यूटर या लैपटॉप के लिए संबंधित सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट पर ही जाना चाहिए... ऐपल के लिए उसके खुद के स्टोर पर ही जाना चाहिए... लेकिन... ऐप या सॉफ्टवेयर के लिए कभी भी गूगल पर नहीं जाना चाहिए... क्योंकि हैकर्स इन ऐप्स या सॉफ्टवेयर को डाउनलोड करके उनमें वायरस या मैलवेयर डालकर गूगल पर अपलोड कर देते हैं... फिर जैसे ही हम इन्हे गूगल से डाउनलोड करके अपने मोबाइल या कंप्यूटर में इंस्टाल करेंगे हमारा सारा सिस्टम हैक हो जाएगा... एक बार सिस्टम हैक हो गया तो फिर हम कितनी बड़ी मुश्किल में फंस सकते हैं, उसका कोई हिसाब नहीं...! इसलिए कभी भी कोई भी ऐप या सॉफ्टवेयर अज्ञात या संदिग्ध साइट्स से डाउनलोड नहीं करना चाहिए...!
चाइल्ड पोर्न
आप अकेले हैं, जेब में मोबाइल है तो आपका मन पोर्न देखना चाहेगा... ये स्वाभाविक है, हर आदमी या औरत में काम वासना की होती है... पोर्न देखना क्राइम नहीं है, क्योंकि विदेशों में बाकायदा पोर्न फिल्मों के लिए लाइसेंस मिलता है.. बहुत बड़ी इंडस्ट्री है... लेकिन कोई भी देश चाइल्ड पोर्न वीडियो बनाने या देखने की इजाजत नहीं देता... ये एक क्राइम है... जब आप गूगल पर चाइल्ड पोर्न सर्च करेंगे तो इसको प्रोत्शाहन मिलेगा, और अधिक बच्चों को इस दलदल में धकेला जाएगा... मतलब आप इस तरह क्रिमिनलों का सपोर्ट करेंगे... इस प्रकार आप सरकार की नजर में क्रिमिनल होंगे... कभी भी चाइल्ड पोर्न से संबंधित सामग्री सर्च नहीं करनी चाहिए...!
उम्मीद है, आपको ये आर्टिकल पसंद आया होगा, और आप हमारे साथ बने रहेंगे... हम इसी तरह के आर्टिकल्स लाते रहते हैं... अगर आप कोई सुझाव देना चाहते हैं तो नीचे कॉमेंट कीजिए... हमें खुशी होगी...!
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